बच्चों को रहना होगा सतर्क

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

दौड़ेगी शिक्षा फिर पटरी पर बस जुगत लगानी होगी

आएंगे बच्चे स्कूल मगर सामाजिक दूरी अपनानी होगी

कोरोना वायरस संक्रमण के चलते दिल्ली के सभी स्कूल पिछले लगभग डेढ़ साल से बंद हैं एवम बच्चों की पढ़ाई निर्बाध रूप से चलती रहे,इसलिए इस अवधि में पठन पाठन का समस्त कार्य ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाता रहा है।

अब जब कि समूचे विश्व के साथ साथ दिल्ली में भी कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार भारी मात्रा में गिरावट देखने को मिल रही है तो दिल्ली सरकार ने भी दिल्ली के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को सशर्त खोलने की अनुमति दे दी है।कोरोना वायरस का कहर कम होने के बाद दिल्ली में 1 नवंबर से सभी स्कूलों को खोलने का फैसला किया गया है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री श्री मनीष सिसोदिया जी ने यह घोषणा की कि राष्ट्रीय राजधानी के सभी कक्षाओं के सभी स्कूल 1 नवंबर 2021 से खोले जाएंगे। एक्सपर्ट्स से मिले सुझावों के बाद DDMA की बैठक में ही स्कूलों को खोलने का फैसला किया गया।

बता दें कि कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों के लिए स्कूल पहले ही खोले जा चुके हैं।सरकार ने अपने आदेश में साफ़ किया है कि प्रतिदिन प्रत्येक कक्षा के केवल 50 प्रतिशत छात्रों को ही स्कूल में बुलाया जा सकेगा।बाकी 50 प्रतिशत बच्चे अगले दिन ही स्कूल आयेंगे।स्कूल में कोरोना से बचने के सभी दिशा निर्देशों का सख़्ती से पालन किया जाएगा।किसी भी छात्र को जबरदस्ती स्कूल आने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।यदि कोई बच्चा अभी भी भयवश स्कूल नहीं आना चाहता है तो उसके लिए विद्यालय द्वारा ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करवाई जाएंगी।

सरकार द्वारा यह भी कहा गया है कि स्कूल सामाजिक दूरी बनाए रखने के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करें एवम बच्चों के हाथ समय समय पर धुलवाने हेतु विद्यालय में उचित इंतजाम भी करके रखें,ताकि संक्रमण का खतरा टाला जा सके।पहले ही बच्चों की पढ़ाई का बहुत अधिक नुकसान हो चुका है अब दिल्ली इस स्थिति में नहीं है कि इस नुकसान को और अधिक बढ़ाया जाए क्योंकि इस नुकसान की भरपाई बहुत जल्द नहीं हो पाएगी। अध्यापकों ,अभिभावकों,प्रशासन और छात्रों इन सभी को मिलकर कड़ी मेहनत करनी होगी तब कहीं जाकर शिक्षा को नियमित किया जा सकेगा और विगत समय में हुए शैक्षणिक नुकसान को पूरा किया जा सकेगा।

दिल्ली सरकार ने आगामी 1 नवंबर से दिल्ली के सभी स्कूलों को खोलने की अनुमति दे दी है ताकि शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को वापिस ठर्रे पर लाया जा सके और शैक्षणिक संस्थानों को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय को सफल बनाने के लिए छात्रों और शिक्षकों का दायित्व बनता है कि उचित दिशानिर्देशों में शिक्षा के कार्य को अंजाम दें और हो चुके शैक्षणिक घाटे को पूरा करने का अथक प्रयास करें।शिक्षा को धीरे धीरे पटरी पर लाना ही होगा।हम सभी को एकजुट होकर और नियमों को अपनाकर शिक्षा को आगे ले जाना होगा और देश के शैक्षणिक ढांचे की नींव को पहले से अधिक मजबूत बनाना होगा।

स्मरण रहे

मिल जुलकर शिक्षा को हमको अब आगे ले जाना है

जो हुआ अभी तक है नुकसान उस खाई को भर जाना है


पिंकी सिंघल

अध्यापिका

शालीमार बाग दिल्ली