यूपी लोक सेवा आयोग का प्रतियोगी छात्रों को तोहफा

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

भर्ती नियमों में किया बड़ा बदलाव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग  ने दीपावली से पहले प्रतियोगी छात्रों को बड़ी सौगात दी है। पहले के नियम में बदलाव करते हुए यूपीपीएससी की भर्तियों की मुख्य परीक्षा के लिए पदों के सापेक्ष 15 गुना अभ्यर्थी पास किए जाएंगे। साक्षात्कार में तीन गुना अभ्यर्थियों को पास करने का अहम निर्णय किया गया है। यह नियम पीसीएस (जे) को छोड़कर समस्त भर्तियों में लागू होगा। यूपीपीएससी का नया नियम पीसीएस, एसीएफ-आरएफओ यानि सम्मिलित राज्य,प्रवर अधीनस्थ सेवा, सहायक वन संरक्षक,क्षेत्रीय वन अधिकारी-2021 की भर्ती में भी लागू किया जाएगा।लोकसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने अपने कार्यकाल में संघ लोकसेवा आयोग की तर्ज पर यूपीपीएससी की भर्तियों में व्यापक बदलाव किया था।इसके तहत पदों के सापेक्ष मुख्य परीक्षा के लिए 13 गुना व साक्षात्कार के लिए 2 गुना अभ्यर्थी पास करने का निर्णय किया था। प्रतियोगियों ने इस निर्णय का काफी विरोध भी किया, लेकिन उसमें बदलाव नहीं हुआ। आयोग के  अध्यक्ष डॉ. संजय श्रीनेत ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद अभ्यर्थियों को उनकी मांग व समस्याओं का उचित निदान करने का भरोसा दिया था। बदलाव उनके उसी वादे को पूरा करने के रूप में देखा जा रहा है। आयोग ने 5 फरवरी को जारी किए गए पीसीएस, एसीएफ-आरएफओ-2021 के विज्ञापन में बदलाव किया है। इसकी परीक्षा 24 अक्टूबर को होगी। लोकसेवा आयोग पहले पदों के सापेक्ष मुख्य परीक्षा में 18 गुना व साक्षात्कार के लिए 3 गुना अभ्यर्थियों को पास करता था। आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने पीसीएस-2019 में इस नियम को बदल दिया था। इसके बाद पीसीएस सहित समस्त भर्तियों में मुख्य परीक्षा के लिए 12 व साक्षात्कार में दो गुना अभ्यर्थी पास किए जाने लगे।लोकसेवा आयोग द्वारा भर्ती परीक्षाओं में हुए नए बदलाव का स्वागत तो किया है, लेकिन संतुष्ट नहीं हैं। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के प्रशांत पांडेय ने कहा कि पहले की तरह पदों के सापेक्ष मुख्य परीक्षा के लिए 18 गुना अभ्यर्थी पास किए जाएं। इसके साथ आयोग को स्केलिंग पर अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहिए।मुख्य परीक्षा के लिए 15 व साक्षात्कार में तीन गुना अभ्यर्थियों को पास करने का नियम आने वाली समस्त परीक्षाओं में लागू होगा। जिन भर्तियों की परीक्षा हो चुकी है, उनमें नया नियम लागू नहीं होगा। पीसीएस-2021 को लेकर हाईकोर्ट में मॉडरेशन व स्केलिंग को लेकर दाखिल याचिका पर कोर्ट के अंतिम आदेश का अनुपालन किया जायेगा।