अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस: बच्चों में डालें गांधी जी के जीवन की ये सीखें, हमेशा होंगे सफल

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

राष्ट्रपिता के नाम से सम्मानित किए जाने वाले महात्मा गांधी जी की जयंती हर साल 2 अक्टूबर को मनाई जाती है। गांधी जी अपने पूरे जीवन में सत्य और अहिंसा की राह पर चले। ऐसे में इस खास दिन को विश्वभर में गांधी जयंती के साथ अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के तौर पर भी जाना जाता है। बापू गांधी जी दुनियाभर को संदेश दिया था कि, मेरा जीवन ही मेरा संदेश है। चलिए हम आपको महात्मा गांधी जी की जयंती के खास मौके पर उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें व सीखें बताते हैं। ऐसे में आप इन्हें अपने बच्चों को जरूर सिखाएं। ताकि वे जीवन में बिना किसी परेशानी के सफलता के रास्ते पर चल पाएंगे...

सीखने की कोई उम्र नही

महात्मा गाधी जी का मानना था कि सीखने की कोई उम्र नही होती है। वे कहते थे कि, श्जब जागो तब सवेरा होता है। इसलिए जब भी कुछ सीखने को मिले  तो उसे सीख लेना चाहिए। इसके अलावा कभी भी अपने से छोटों से भी सीखने में संकोच नहीं करना चाहिए।

समय सबसे कीमती

कभी भी समय को व्यर्थ की जगह पर बर्बाद ना करें। इसके सही जगह पर इस्तेमाल करें। इसके अलावा हमेशा ऐसा काम करो जिससे आपको खुद के साथ दूसरों का भी भला हो।

सोच रखें सकारात्मक

कभी भी खुद पर नकारात्मक सोच हावी ना होने दें। जीवन में खुद सकारात्मक सोच रखकर तरक्की करें। साथ ही दूसरों की तरक्की पर जलने की जगह उनकी सराहना करें।

हमेशा खुश रहे

दुनियाभर में लोग अलग-अलग परेशानियों से घिरे हुए है। मगर हम अपनी एक मुस्कान से ही दूसरों के चेहरे पर भी हंसी लाने का काम कर सकते हैं। इसलिए हमेशा हंसते हुए चेहरे से हर किसी को मिले।

चरित्र को मजबूत बनाएं

किसी व्यक्ति के कपड़े नहीं बल्कि उसके व्यक्तित्व पर ध्यान दें। बापू गांधी जी ने बताया था कि विश्व में पापों को 7 हिस्सों में बांटा गया है। जैसे कि, मेहनत के धन अर्जित करना, विवेक के बिना खुशी पाना, अच्छे चरित्र के बिना ज्ञान, नैतिकता के बिना पैसा, इंसानियत के बिना विज्ञान, बिना किसी चीज का त्याग व बलिदान के पूजा करना व सिद्धांतों के बिना राजनीति करना। इसलिए खुद का चरित्र मजबूत बनाने के लिए जीवन में सबसे पहले अपने इन 7 दोषों को दूर करें।

गलतियों से डरे नहीं बल्कि सीखे

बापू जी अनुसार, हमें अपनी गलतियों से डरने या घबराने की जगह पर उससे जिंदगी की सीख लेनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर झाड़ू से सफाई करके से सारा कमरा साफ हो जाता है। ठीक उसी तरह अपनी गलती मानकर उसे ठीक करने पर जुट जाना ही सही है।

माफ करना सीखे

महात्मा गांधी जी का कहना था कि, कमजोर लोग कभी भी किसी को माफ नहीं कर पाते हैं। असल में किसी की गलती पर उसे माफ कर देना मजबूत इंसान की निशानी मानी जाती है। बात गांधी की जी करें तो उन्हें आजादी संघर्ष के दौरान जेल जाना पड़ा, उनसे गलत व्यवहार करने के साथ मारने की भी कोशिश की गई। मगर फिर भी गांधी जी ने मन में कोई भेदभाव न रखते हुए हर किसी को क्षमा कर दिया था।

सहानुभूति

दूसरों के लिए सहानुभूति रखने वाले लोग अच्छे इंसान कहलाते हैं। वे दूसरों को जल्दी समझने में सक्षम होते हैं। साथ ही ने दूसरों की कम आलोचना करते हैं। ऐसे में हमें भी गांधी द्वारा दी सहानुभूति की सीख अपनानी चाहिए।

खुद पर विश्वास रखें

जिंदगी के हर मोड़ पर आत्मविश्वास रखना बेहद जरूरी है। खुद पर भरोसा होने से व्यक्ति मुश्किल घड़ी को भी जल्दी ही पार कर लेता है। ऐसे में अगर आप भी ऐसी सोच रखेंगे तो जिंदगी का हर पड़ाव हंसी-खुशी से पार कर जाओगे। साथ ही हमेशा सफलता व तरक्की के रास्ते पर ही चलोगे।