रीक्षा लेता है

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क  

जीवन में आते हैं कई उतार-चढ़ाव

कभी प्रसन्नता आती है कभी खुशियां

खुशियाँ ऊंचाइयों पर पहुंचा देती कभी

पर अनापेक्षित दुख चोट पहुँचाता है

और भारी पीड़ा की ओर ले जाता है

दोनों एक ही  सिक्के के दो पहलू हैं

निश्चित एक के बाद एक आता है

पर आत्मविश्वास बनाए रखना है

कभी धैर्य नहीं कभी भी खोना है

सुख को सहना ईश्वर की पूजा है

दुख को सहना भी ईश्वर की पूजा है

सब ईश्वर की मर्जी पर आधारित है

ईश्वर की मर्जी कर्मों पर आधारित है

हम यह बिलकुल नहीं जानते कि

पिछले जन्म में हमने क्या किया

लेकिन ईश्वर सभी की परीक्षा लेता है

उसी के आधार पर सबको फल देता है

जीवन की सीढ़ी चाहे जैसी भी हो

हमें उसे चलना है हर कदम कदम

आशा और निराशा यह दोनों आते  हैं

भोजन में जैसे खट्टा और मिठास

इसी तरह जीवन में आता है बदलाव

लेकिन खुश रहना भी जरूरी है

ईश्वर के बताए रास्ते पर चलना जरूरी है

रितु शर्मा

दिल्ली