उत्तराखंड में मौसम हुआ सुहावना, चारधाम यात्रा मार्ग सुचारू

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

देहरादून : उत्तराखंड में मौसम का मिजाज सोमवार देर रात बदला। राजधानी देहरादून समेत कई पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश के बाद सुबह मौसम में ठंडक बनी हुई है। वहीं, चारधाम यात्रा मार्ग तीर्थयात्रियों की आवाजाही के लिए सुचारू है। बदरीनाथ हाईवे सोमवार शाम चार बजे पागल नाले में मलबा आने से बंद हो गया था। कई घंटे की मशक्कत के बाद हाईवे रात में खोला जा सका। हाईवे बंद होने से मार्ग के दोनों ओर यात्रियों के वाहनों की कतार लग गई थी। 

चौखुटिया-गैरसैंण राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुल की मरम्मत के कार्य के चलते यातायात तीन दिन खीड़ा-बच्छावान के रास्ते से होगा। चौखुटिया बाजार के रास्ते यातायात इस अवधि में बंद रहेगा। चौखुटिया बाजार में रामगंगा नदी पर बने पुल की मरम्मत की जानी है। इसके चलते सात अक्टूबर को शाम पांच बजे से नौ अक्टूबर को सुबह 10 बजे तक तीन दिन के लिए  इस मार्ग पर आवाजाही बंद रहेगी।

लोनिवि के ईई ने इस संबंध में डीएम को लिखे पत्र में कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 100 पुरानी संख्या 87 के 155 किमी में चौखुटिया बाजार में रामगंगा नदी पर स्थित पुल की डैक स्लैब क्षतिग्रस्त हो गई है जिससे दुर्घटना की संभावना बनी हुई है। कहा गया है कि उक्त पुल साठ साल पुराना और बी ग्रेड लोडिंग का है। मार्ग दो लेन प्रस्तावित है जिसमें डीपीआर बनाने की कार्यवाही प्रगति पर है। मरम्मत कार्य के चलते मार्ग को तीन दिन के लिए बंद और रूट डाइवर्ट किया जा रहा है। इन तिथियों को गढ़वाल को जाने वाले वाहन वाया खीड़ा-बच्छावान होते हुए जाएंगे। 

देवस्थानम बोर्ड की साइट पर पंजीकरण न होने से दूसरे जिलों में यात्रियों को रोका जा रहा है, इससे यात्रियों में गलत संदेश जा रहा है। ऋषिकेश और हरिद्वार से चारधाम यात्रा पर जिन यात्रियों को चारधाम की यात्रा भेजा जा रहा है उन यात्रियों को देवस्थानम बोर्ड की साइट पर दर्शन की तारीख न मिलने पर उनका पंजीकरण दून स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर ही हो रहा है। यह यात्री ऋषिकेश से आगे बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जा रहे हैं।

भद्रकाली और ब्रह्मपुरी चेक पोस्ट पर केवल वाहन का ट्रिप कार्ड और ग्रीन कार्ड चेक किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिन जिलों में धाम स्थित हैं वहां इन यात्रियों को रोका जा रहा है। इनसे देवस्थानम बोर्ड की साइट पर पंजीकरण की जानकारी मांगी जा रही है। कुछ यात्रियों को तो दर्शन के लिए भेजा जा रहा है, जबकि कुछ यात्रियों को लौटाया जा रहा है, इससे उत्तराखंड स्थित चार धामों के दर्शन के लिए आने वाले यात्रियों में गलत संदेश जा रहा है।