उपभोक्ता आयोग ने परिवादी को सौंपा 36906 का चेक

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क  

बांदा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की तत्कालीन पीठ के अध्यक्ष महेश चंद्र निगम,वरिष्ठ  सदस्या श्रीमती आशा सिंह और सदस्य कैलाश प्रसाद त्रिवेदी ने बलराम पुत्र फल्लूम निवासी मोटियारी तहसील नरैनी के मामले में वर्ष 2001 में अधिशाषी अभियंता विद्युत विभाग बांदा, उप खंड अधिकारी अतर्रा, चेयरमैन विद्युत लखनऊ, तहसीलदार नरैनी के विरुद्ध निर्णय पारित किया था। आदेश दिया गया था की 9.1.1995 के बाद जारी विद्युत बिल निरस्त किए जाते है। फीस लेकर पी डी करे। साथ ही विपक्षी द्वारा उपभोक्ता से जो अधिक रुपया 9085 वसूल लिया गया है वह और 1000 मुकदमा खर्चा 2 माह में अदा करना होगा। अन्यथा 9085 पर 12प्रतिशत ब्याज अदा करना होगा।

विद्युत विभाग ने इस निर्णय के विरुद्ध  राज्य उपभोक्ता आयोग लखनऊ में अपील की गई। राज्य आयोग की पीठ के सदस्य राम चरण चौधरी, और राज कमल गुप्ता ने विद्युत विभाग की अपील यह कह कर निरस्त कर दी गई कि जिला उपभोक्ता आयोग का आदेश विधि सम्मत है और उसमें किस तरह की आवश्यकता नहीं है इसी आधार पर राज आयोग ने विद्युत विभाग द्वारा आयोजित अपील को निरस्त कर दिया गया तत्पश्चात जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष तूफानी प्रसाद और सदस्य अनिल कुमार चतुर्वेदी ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता नोटिस जारी किया गया जिसमें उनसे कहा गया कि वह जिला उपभोक्ता आयोग बांदा के तत्कालीन पीठ द्वारा पारित आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करें अन्यथा विधि के अनुसार कार्यवाही की जाएगी इस पर विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता श्री प्रसाद उनके पक्ष में 36906 जमा कर सुलह कर ली आज परिवादी बलराम को उनकी अधिवक्ता अखिलेश कुमार अग्निहोत्री की शिनाख्त पर चेक प्राप्त करा दी गई उक्त जानकारी जिला उपभोक्ता आयोग की रीडर स्वतंत्र रावत द्वारा दी गई।