"शिक्षक दिवस"

                                        
युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क


देश को हमने संवारा 

देकर अनुपम ज्ञान 

किंतु शासन है हमारी 

पीर से अंजान!!


कोरे कागज में भरे रंग 

सुमन शब्दों के खिलाए

खुद जला दीपक सरिस 

तिमिर के बादल हटाए 


अपने अनुभव से कराई 

पंथ की पहचान!

किंतु शासन है हमारी 

पीर से अंजान!!!!!!


हमने अपने दम पे बदली

देश की तस्वीर 

लिखते आए हैं कलम से

देश की तकदीर 


हमने अपनी बुद्धि बल से

किए निर्माण 

किंतु शासन है हमारी 

पीर से अंजान!!!!!!


शास्त्र हमने ही रचे हैं

शस्त्र कौशल भी सिखाए 

हमसे ही विज्ञान ने सीखीं 

सभी उन्नत कलाएं


करते आए हम सदा ही

राष्ट्र का कल्याण 

किंतु शासन है हमारी 

पीर से अंजान!!!!!!


 शिक्षा के अतिरिक्त हम पर 

और कितने बोझ डाले 

छोटे से वेतन में बोलो 

कैसे अपने घर को पालें????


आपको भी है हमारे 

हाल का संज्ञान 

फिर भी बनते ही रहे

इस बात से अंजान!!!!!!!!


रश्मि मिश्रा  'रश्मि'

भोपाल (मध्यप्रदेश)