कॉमेडी सर्कस फेम सिद्धार्थ सागर को फिर लगी ड्रग्स की लत, अब हुए रिहैब में एडमिट

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

सिद्धार्थ सागर अक्सर कंट्रोवर्सी में घिरे रहते है। उनकी पर्सनल लाइफ कई बार सुर्खियों में आ चुकी है। ऐसे में एक बार फिर एक्टर और कॉमेडियन सिद्धार्थ सागर को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। खबरों की माने तो कॉमेडी सर्कस के एक्टर सिद्धार्थ सागर को फिर से ड्रग्स की लत लग गई है। उन्हें ट्रीटमेंट के लिए एक रिहैब में एडमिट कराया गया है। इस बात की जानकारी उनकी मां अल्का सागर ने दी। स्टैंड अप कॉमेडियन सिद्धार्थ सागर को एक बार फिर से ड्रग्स की लत लग गई है। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है ताकि उनकी आदत छूट सके। बता दे, सिद्धार्थ सागर ने कॉमेडी सर्कस नाम के शो से पॉपुलैरिटी हासिल की थी। अब खबर आई है कि उन्होंने एक बार फिर से नशा करना शुरू कर दिया है। 2018 में सिद्धार्थ सागर को लेकर खबरें आनी शुरू हो गई थी कि सिद्धार्थ सागर गायब हो गए हैं। हाल ही में सिद्धार्थ सागर सोशल मीडिया पर कॉमेडी शो के माध्यम से काफी फेमस हो रहे थे। वह शो में जबरदस्त परफॉर्मेंस कर रहे थे लेकिन अब खबर आई है कि सिद्धार्थ शूट से गायब हो गए। एक रात मुंबई पुलिस को सिद्धार्थ सागर बुरी हालत में मिले। इसके बाद पुलिस ने सिद्धार्थ की मां अल्का सागर को फोन कर उनकी स्थिति के बारे में बताया जो कि नई दिल्ली में रहती है। अब सिद्धार्थ सागर की मां अल्का सागर ने उन्हें रिहैब में एडमिट कराया हैं ताकि उनका इलाज हो सके। अल्का सागर ने इस बारे में बताते हुए कहा, श्मैं सिद्धार्थ के साथ थी और हाल ही में दिल्ली आई हूं क्योंकि मेरा 12 साल का कुत्ता बीमार था लेकिन अब मैं वापस आ गई हूं। जब मैं वापस आई तब मुझे पता चला कि सिद्धार्थ ने एक बार फिर नशा करना शुरू कर दिया हैं। यह हमारे लिए बहुत दुख की घड़ी है। मैं मुंबई के बाहर थी। मुझे पता नहीं कि क्या हुआ है लेकिन मैंने एक बार फिर उनका एडमिशन रिहैब सेंटर में करा दिया है। इसके चलते मुझे पता नहीं कि क्या गलत हुआ है। अल्का ने आगे कहा, मुझे मुंबई पुलिस से फोन आया था कि सिद्धार्थ सागर नशे की अवस्था में है और उन्हें सिर्फ अपनी मां का नाम और नंबर याद था। इसके चलते उन्हें फोन किया गया है, उन्होंने मुझे वहां से उन्हें लेकर जाने के लिए कहा। बुरी बात यह है कि जब भी वह ऐसी अवस्था में आए हैं, कोई भी उनका दोस्त या फैन मदद के लिए आगे नहीं आया। हमेशा उनके परिवार के लोगों ने ही उनकी मदद की है। यह बात वह समझ भी नहीं पा रहा है, मैं उसकी मां हूं और मैं उसे इस परिस्थिति से निकालना चाहती हूं। मैं उसका हमेशा ध्यान रखूंगी लेकिन मुझे अक्सर दिल्ली जाना पड़ता है लेकिन अब मैंने तय कर लिया है कि मैं उसका ध्यान रखूंगी।