दिल दे गया धोखा

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

सिद्धार्थ शुक्ला महज 40 वर्ष की उम्र, जिसके प्रशंसक उसकी शादी के सपने संजो रहे हैं, वो उन सबके सपनों को तोड़कर, सब अपनों को रोता बिलखता छोड़कर, अचानक इस जहां से कूच कर जाता है।

 ये कैसा न्याय है ईश्वर का?

क्यों इतना क्रुर है गया ईश्वर?

 एक मां का सहारा, दो बहनों का भाई दुलारा, क्या हाल होगा उन सब का? नहीं समझ सकता कोई‌।

प्रयागराज का मूल निवासी 12 दिसम्बर 1980 को जन्मा, फिल्म और टी.वी. इंडस्ट्री का एक उभरता हुआ सितारा, सबका मददगार अचानक हृदय गति रूक जाने से, हम सबको छोड़ कर चला गया।

सिद्धार्थ ने अपने करियर की शुरुआत माॅडलिंग से की और बिग बॉस के विजेता बनते हुए,  टी.वी. की दुनिया का बेताज बादशाह बन गया।

सिद्धार्थ ने स्कूलिंग के बाद इंटर डिज़ाइनिंग में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की और काफी समय तक आरबीआई में बतौर इंजीनियरिंग नौकरी की। नौकरी के बाद 2005 में जब देश के वो पहले ऐसे माॅडल बने जिन्हें वर्ल्ड बेस्ट का खिताब मिला, तब से उनकी सफलता की कहानी शुरू होती है।

सिद्धार्थ शुक्ला ट्विटर पर खूब एक्टिव रहा करते थे, और अपने फैंस को रिप्लाई भी किया करते थे, सिद्धार्थ की यही अंदाज उनके फैंस को बहुत पसंद था और लोग सिद्धार्थ के दीवाने थे।

टी.वी. सीरियल बालिका वधू में इंस्पेक्टर के रूप में अहम भुमिका निभाई सिद्धार्थ ने, बालिका वधू के तीन अहम किरदार इस दुनियां को छोड़ चुके हैं।

बालिका वधू की आनंदी ( प्रत्युषा बनर्जी) भी इस दुनियां से विदा कह चुकी हैं, प्रत्युषा ने 1 अप्रैल 2016 को फांसी लगाकर आत्महत्या की थी, एवं बालिका वधू की दादी सा (सुरेखा सीकरी) भी इसी वर्ष इस संसार से लम्बी बीमारी के बाद विदा ले चुकी हैं।

सिद्धार्थ की इंस्टाग्राम पर आखिरी पोस्ट फ्रंटलाइन वारियर्स के लिए थी जिसमें उन्होंने The heros we owe दिखाया और नीचे हार्ट लाइन अर्थात दिल की धड़कनें नज़र आती हैं। सिद्धार्थ बहुत नेक दिल के इन्सान थे, अपनी कमाई में से एक अहम हिस्सा वो हमेशा दान दिया करते थे, हरेक की मदद करने को सदा तत्पर रहते। सिद्धार्थ गलत को ग़लत और सही कह सही कहने में हिचकते नहीं थे, अगर उन्हें लगता कि सामने वाला गलत कह रहा है तो एकदम से भिड़ जाते, जिस तरह एक रियलिटी  शो "ख़तरों के खिलाड़ी" में अर्जुन कपूर से भिड गए थे। कहा जाता है कि सफलता की सीढ़ी चढ़ते हुए सिद्धार्थ को नशे की लत लग गई थी, जिसे छोड़ने के लिए उन्हें दो साल रीहैब सेंटर में रहना पड़ा, लेकिन आप की अदालत में सिद्धार्थ ने इस बात का खण्डन किया‌ उन्होंने कहा कि यदि वो दो साल तक रीहैब सेंटर में रहते तो टी.वी स्क्रीन पर कैसे नज़र आते हैं। 2018 में सिद्धार्थ को रैश ड्राइविंग की वजह से जेल जाना पड़ा था, लेकिन कुछ ही देर में उनकी जमानत हो गई थी, इस बात पर भी उन्होंने खुद के बात की और अपनी गलती को माना। ऐसे साफ दिल इंसान थे सिद्धार्थ शुक्ला, लेकिन उनका दिल ही उन्हें धोखा दे गया। ईश्वर उनके परिवार को इस असीम दुःख सहने की शक्ति दे। 


प्रेम बजाज ©®

जगाधरी ( यमुनानगर)