विद्यालय के बगल में मास बिक्री के विरोध में एसडीएम का घेराव

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

बांसडीह(बलिया) :क्षेत्र में लगनेवाले साप्ताहिक बजारों में सड़क किनारे खुलेआम मांस बिकने से आने जाने वाले लोग असहज हो जाते हैं और इससे संक्रामक रोग फैलने की संभावना भी है । सुखपुरा थाना क्षेत्र के शिवपुर  इंटर कालेज व प्राथमिक विद्यालय के बगल में ही मुर्गा व बकरा काटने का कार्य निरन्तर जारी है। स्थानिय लोगो द्वारा इसका कई बार विरोध भी किया जा चुका है।यहाँ तक कि सुखपुरा थानाध्यक्ष द्वारा भी कई बार उक्त स्थान पर मुर्गा व बकरा काटने से मना किया जा चुका है उसके बावजूद भी पुलिस की बातों को नजरंदाज करते हुए लगातार मुख्य सड़क के किनारे ही मुर्गा व बकरे को काट कर बेचने का कार्य यूसुफ मुहमद पुत्र स्व0 गुलमुहमद और उनकी पत्नी सैरु निशा निवाशी घरौली थाना बांसडीहरोड द्वारा किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों द्वारा बार बार मना करने पर उक्त व्यक्ति द्वारा मार पीट करने पर आमादा हो जाता है।जिससे परेशान लोगो ने उपजिलाधिकारी बांसडीह दुष्यन्त कुमार मौर्य को पत्रक दे कर तत्काल कार्यवाही करने का आग्रह किया था लेकिन प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही ना होने से लोगों के सब्र का बांध टूट गया और सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रीय लोग  तहसील मुख्यालय पर पहुंचकर बजरंग दल के जिला अध्यक्ष मनीष सिंह वह भारतीय जनता पार्टी के नेता कनक पांडे के साथ धरना प्रदर्शन पर बैठ गए। लोगों की भीड़ देख तहसील प्रशासन के पसीने छूटने लगे।

उपजिला अधिकारी बांसडीह दुष्यंत कुमार मौर्या द्वारा लोगों से बात कर शनिवार शाम चार बजे तक तहसीलदार बांसडीह व सुखपुरा थाना अध्यक्ष को उक्त स्थान पर जाकर मुर्गा या बकरा कटाई को बंद करने का निर्देश दिया गया।  तब जाकर धरना दे रहे लोग माने । स्थानीय निवाशी अनुरंजन चौबे ने बताया कि जिस जगह पर मुर्गा व बकरा काटा जाता है वही कुछ ही दूरी पर प्राथमिक विद्यालय व इंटर कालेज है यही नही अत्याचार की पराकाष्ठा तब होती है जब शिव मंदिर जाने वाले रास्ते पर ही कटे मुर्गो का छिलका और पँख के साथ साथ अन्य मलमूत्र फेक दिया जाता है जिससे शिवदर्शन करने जाने वाले लोगो की आस्था पर भी ठेस पहुंचती है।प्रदर्शन करने वालो में मुख्य रूप से वीरबहादुर सिंह,प्रवीण सिंह,अंशु पाण्डे,प्रशांत पाण्डे,आजाद सिंह,नवीन साहनी,विनोद राम,राजकिशोर साहनी, दयानन्द साहनी,विमल सिंह,बन्टी चौबे,रवीश गोंड़,अभिनव सिंह आदि सैकड़ो लोग रहे।