देश के लिए

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क  

वो जन्मे इस जमीं पर

तो सिर्फ देश के लिए

पले और बढ़े तो

सिर्फ देश के लिए

संघर्ष किया हमेशा

तो सिर्फ देश के लिए

फांसी पर चढ़ गए तो

सिर्फ देश के लिए

निशाने पर चले गए

तो सिर्फ देश के लिए

देश ही तो था सब कुछ

उन वीरों के लिए

जिए और मरे हमेशा

तो सिर्फ देश के लिए

थी उनकी आन बान शान

चमकता हुआ हिंदुस्तान

जहां सब मिलकर रहें

भाई भाई सब को कहें

इस मिट्टी में वह मिल गए

लेकिन वे अभी जिंदा है

क्योंकि जिसके लिए

जिए और मरे हमेशा

उसे हिंदुस्तान कहते हैं

जिसमें हम हिंदुस्तानी जीते हैं

इसका कण कण सोना है

प्रेम बस इसमें बोना है

न तेरा न मेरा बल्कि

हिंदुस्तान हम सबका है

भारत भूमि सदा मुस्काए

वीरों का रक्त बेकार न जाए

पूनम पाठक बदायूँ