ऐलनाबाद सीट पर उपचुनाव की घोषणा

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

हरियाणा: ऐलनाबाद उपचुनाव की रणभेरी बज उठी है। 30 अक्टूबर को मतदान होगा और 2 नवंबर को परिणाम आएगा। भारतीय चुनाव आयोग की ओर से मंगलवार को जारी घोषणा के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। इनेलो के सामने परंपरागत गढ़ को बचाने की चुनौती रहेगी। इनेलो सुप्रीमो ओपी चौटाला के जेबीटी भर्ती मामले में सजा काट कर बाहर आने के बाद यह पहला चुनाव है। प्रदेश की गठबंधन सरकार भी जीतने के लिए पूरा जोर लगाएगी, जिसके लिए पहले से खासा फोकस किया हुआ है।

कृषि कानूनों के विरोध में ऐलनाबाद के विधायक एवं इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने 27 जनवरी 2021 को इस्तीफा दिया था। वे हरियाणा में इनेलो से एकमात्र विधायक थे। उनके इस्तीफे के बाद से अभी तक यह सीट खाली थी, जिस पर अब उपचुनाव होगा। सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। भले ही अभी चुनावी मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों की किसी भी पार्टी ने अधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन अपने स्तर पर सभी नेताओं ने मंथन शुरू कर दिया है। 

 चुनावी शेड्यूल जारी

1 अक्तूबर -राजपत्रित अधिसूचना

8 अक्तूबर -नामांकन की आखिरी तारीख

11 अक्तूबर -नामांकन की छंटनी

13 अक्तूबर -नामांकन वापसी

30 अक्तूबर -मतदान

2 नवंबर -परिणाम

ओपी चौटाला तभी लड़ सकेंगे, अगर अयोग्यता अवधि घटे

ऐलनाबाद सीट से अभय चौटाला के ही मैदान में उतरने की उम्मीद है। ओपी चौटाला तभी उपचुनाव लड़ पाएंगे, अगर भारतीय चुनाव आयोग उनकी अयोग्यता अवधि को घटाए।  

इनेलो नेता अभय चौटाला के इस्तीफे के बाद से खाली हुई सिरसा जिला की ऐलनाबाद सीट पर आठ महीने बाद उपचुनाव होने जा रहा है। इस सीट पर दिवाली से पहले नया विधायक मिल जाएगा। इनेलो इस सीट को दोबारा जीतकर अपना दमखम दिखाना चाहेगी। इस समय विधानसभा में उसका एक भी विधायक नहीं है। 

इनेलो को उम्मीद है कि किसान आंदोलन के बीच मतदाताओं का उसे समर्थन मिलेगा। वहीं भाजपा-जजपा अपने विकास कार्यों को आधार बनाकर चुनाव में संयुक्त उम्मीदवार उतारेंगी। कांग्रेस पर भी निगाहें टिकी रहेंगी।  क्षेत्र में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। अब कोई राजनीतिक घोषणा नहीं होगी और न ही नए काम होंगे। चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद ही नए काम किए जा सकेंगे। पहले से जारी कामों पर असर नहीं पड़ेगा। मुख्य सचिव ने सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, मंडलायुक्तों, सचिवों, डीजीपी, डीसी को सिरसा जिले में चुनाव आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराने को कहा है।

ऐलनाबाद सीट पर चौटाला परिवार का दबदबा रहा है। इस सीट पर हुए कुल 15 चुनावों में 10 बार चौटाला परिवार, इनेलो या लोकदल ने ही जीत हासिल की है। हरियाणा के गठन के बाद ऐलनाबाद सीट के अस्तित्व में आने पर सबसे पहले चुनाव में प्रताप सिंह चौटाला ने कांग्रेस टिकट पर चुनाव जीता। इसके तीन वर्ष बाद ओमप्रकाश चौटाला ने अपने राजनीतिक जीवन का पहला चुनाव हिसार जिले (1975 में सिरसा जिला बना) की ऐलनाबाद सीट से ही जीता था। हालांकि यह उपचुनाव था। 

यह चुनाव उन्होंने एनसीजे (कांग्रेस पार्टी से विभाजित ग्रुप) के टिकट पर लड़ा। वर्ष 1968 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से राव बीरेंदर सिंह की तत्कालीन विशाल हरियाणा पार्टी (वीएचपी) से जीते लालचंद का चुनाव रदद घोषित कर दिया गया। मई, 1970 में यहां उपचुनाव करवाना पड़ा, जिसमें ओम प्रकाश चौटाला विजयी हुए। 

देवी लाल के पौत्र अभय सिंह चौटाला ने जनवरी 2010 में ऐलनाबाद सीट पर उप चुनाव जीता। अभय 2014 और 2019 विधानसभा चुनाव में भी ऐलनाबाद से विधायक निर्वाचित हुए। इस प्रकार ऐलनाबाद सीट से अभय ने जीत की हैट्रिक लगा रखी है। इस सीट से 5 बार लोकदल के भागी राम ने जीत हासिल की है।