ईश्वर का रूप

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

बच्चे मन के सच्चे होते हैं

आखिर बच्चे तो बच्चे ही होते हैं

मुस्कान इनकी निराली होती है

इनकी शान बड़ी निराली होती है

गुस्सा जब इनको आता है

तो तूफान बड़ा आता है

गुस्सा आता हो अगर किसी को

खुश हो करके गुस्सा भगा देते हैं

छल कपट न कोई इनके अंदर

ये बच्चे भोले भाले होते हैं

भविष्य होते हैं ये भविष्य का

भविष्य के बीज बच्चे ही बोते हैं

मिठास भरी होती है इनमें ऐसे

मिश्री से बने हुए हैं जैसे

बच्चों का तो कोई जवाब नहीं

मन के राजा इनसा कोई नबाब नहीं

धरती पर ईश्वर का रूप निराला है

बच्चों का रूप ईश्वर की याद दिलाने वाला है

रितु शर्मा

दिल्ली