परोपकार कर्म हमारा

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 


भला करो भला हो जाएगा

मेहनत का जरूर आएगा

ईश्वर सब हिसाब लगाता है

कुछ भी इसमें न लगाता है

आम का बीज लगता है

आम पेड़ पर उतरता है

जब बबूल हम बोते हैँ

पेड़ बबूल के ही होते हैँ

मिट्टी सब अच्छा करती है

ख्याल सबका वह रखती है

नदी वृक्ष सारी ही प्रकृति

प्रेम हमेशा ही है बाँटती

सब कहते पुकारकर

परोपकार कर्म हमारा है

दिल किसी का नहीं दुखाना है

भला कर सबका सुकून पाना है

रितु शर्मा

दिल्ली