बालिकाओं की अभिव्यक्ति का बेहतर मंच है मीना मंच

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

देव भास्कर तिवारी

मऊ जनपद के घोसी के शिक्षा क्षेत्र घोसी अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय धरौली के मीना मंच द्वारा प्रधानाध्यापक डॉ. रामविलास भारती के संयोजन में मीना जन्मोत्सव एवं राज्य शिक्षक सम्मान प्राप्त शिक्षकों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सबसे पहले मीना/पावर एन्जिल व अतिथिगण के रूप में उपस्थित प्रधानाचार्य देव भास्कर तिवारी, पूर्व जिला समन्वयक बालिका शिक्षा अखिलेश सिंह, प्रधानाचार्य डॉ. महानन्द द्विवेदी, प्रदीप वर्मा, ग्राम प्रधान बालचन्द आदि द्वारा तथा अन्य सदस्यों व शिक्षकों की उपस्थिति में केक काटकर मनाया गया। तथा सभी किशोरियों द्वारा मीना के चरित्र से परिचित होते हुए मीना जैसा बनने का संकल्प भी लिया गया। तदोपरांत मीना मंच एवं प्रधानाध्यापक डॉ. रामविलास भारती द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में महति योगदान के लिए भारत स्काउट गाइड के प्रांतीय उपाध्यक्ष व डी. ए. वी. इण्टर कालेज मऊ के प्रधानाचार्य राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित देव भास्कर तिवारी एवं प्रदीप वर्मा को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सेवानिवृत्त पूर्व जिला समन्वयक बालिका शिक्षा अखिलेश सिंह एवं वर्तमान ग्राम प्रधान धरौली बालचंद को भी इनके द्वारा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर देव भास्कर तिवारी ने कहा कि मीना मंच एक ऐसा मंच है जिस पर बालिकाएं अपनी अभिव्यक्ति आसानी से कर सकती हैं। जहाँ वे सभी अपनी झिझक को दूर कर समाज मे हो रहे रूढ़िवादिता व कुरुतियों के विरुद्ध आवाज उठाकर बेहतर समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। अखिलेश सिंह ने कहा कि डॉ. भारती द्वारा मेरे संघ राज्य स्तर पर लिए गए प्रशिक्षण का परिणाम इनके विद्यालय में स्पष्ट दिख रहा है। यहाँ की बालिकाओं द्वारा समय समय पर मीना मंच के उद्देश्यों को पूरा करते हुए जनजागरूकता व रैलियों आदि का लगातार संचालन होता रहा है जो अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत है। डॉ. महानन्द द्विवेदी ने कहा कि मीना मंच बालिकाओ व  महिला अधिकारों के प्रति बेहतर जागृति  पैदा कर सकती हैं। प्रदीप वर्मा ने कहा कि मीना मंच विद्यालय एवं समाज की सकारात्मक गतिविधियों को धार देने में सहायक है।

प्रधानाध्यापक डॉ. रामविलास भारती ने अपने स्वागत एवं आभार ज्ञापन में कहा कि मीना मंच विद्यालयों में बालिकाओं के लिए एक ऐसा मंच है जो उन्हें अपनी बात को खुलकर कहने के लिए अवसर देता है यह बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने, नियमित विद्यालय आने और लिंग आधारित भेदभाव के प्रति सजग रहने के लिए प्रोत्साहित करता है । परोक्ष रूप से बालिकाओं में आत्मविश्वास का विकास, समस्याओं का समाधान ढूंढने का कौशल एवं नेतृत्व क्षमता जैसी मूलभूत जीवन कौशल का विकास करने का अवसर देता है। इस अवसर पर देव भास्कर तिवारी, अखिलेश सिंह, डॉ. महानन्द द्विवेदी, प्रदीप वर्मा, डॉ. मुसीर अहमद,  बालचन्द, सुनिल कुमार कन्नौजिया, फूलवन्ती शाही, ललित राहुल आदि उपस्थित रहे।