दुकान-दफ्तर में न लगाएं भगवान की ऐसी तस्वीर, फायदे की जगह होगा नुकसान

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 

हर कोई जीवन में खुशहाली, तरक्की व शांति पाने के लिए मेहनत करता है। मगर कई बार कड़ी मेहनत का फल भी नहीं मिल पाता है। वास्तु अनुसार, घर की तरह हमारे कार्यक्षेत्र की दिशा व अन्य चीजों का भी खास महत्व होता है। ऐसे में घर व कार्यक्षेत्र के मंदिर में मूर्तियों का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। नहीं तो फायदे की जगह पर नुकसान झेलना पड़ सकता है। चलिए आज हम आपको इस आर्टिकल में आपकी दुकान, दफ्तर आदि में मंदिर से जुड़े कुछ खास वास्तु टिप्स बताते हैं...

कार्यक्षेत्र के मंदिर में कई देवी-देवताओं की तस्वीर लगाने से बचें

वास्तु अनुसार, वर्कप्लेस में कई देवी-देवताओं की तस्वीरें लगाने से बचना चाहिए। इससे वास्तुदोष उत्पन्न होता है। वहीं कार्यक्षेत्र पर मां सरस्वती, देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश जी की मूर्तियां रखें। इसे बेहद ही शुभ माना जाता है।

बैठी मुद्रा में भगवान की फोटो लगाने से बचें

कार्यक्षेत्र में कभी भी बैठी अवस्था में भगवान की तस्वीर व मूर्तियां न रखें। खासतौर पर गणेश जी, देवी लक्ष्मी व माता सरस्वती की बैठी मुद्रा में तस्वीरें न लगाएं। माना जाता है कि इससे बुद्धि का नाश होता है। व्यापार व कारोबार में लाभ के अवसर कम मिलते हैं।

खड़ी अवस्था वाले भगवान की करें पूजा

वास्तु अनुसार, कार्यक्षेत्र में खड़े हुए भगवान की पूजा करनी चाहिए। खासतौर पर भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और सरस्वती की मूर्तियां या चित्र खड़े अवस्था में होने चाहिए। मान्यता है कि इससे जीवन व कार्यक्षेत्र से जुड़ी समस्याएं दूर होती है। धन लाभ व तरक्की के रास्ते खुलते हैं।

पूजा घर में सीलन न हो

पूजा घर की रोजाना साफ-सफाई करें। इसके साथ इस बात का ध्यान रखें कि वर्कप्लेस के पूजा घर में कभी सीलन न हो। वास्तु अनुसार इसे अशुभ माना जाता है।

कार्यक्षेत्र के मंदिर में जलाएं कपूर

रोजाना शाम को घी का दीपक जलाकर पूजा करें। फिर उसके बाद मंदिर में कपूर जलाएं। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। ऐसे में कार्यक्षेत्र में आने वाली बाधाएं दूर होकर तरक्की के रास्ते खुलते हैं।

मंदिर में अंधेरा न रखें

वास्तु अनुसार, कार्यक्षेत्र के पूजा घर में कभी अंधेरा नहीं होना चाहिए। इसलिए रात के समय भी वहां धीमी रोशनी हो। इस बात का खास ध्यान रखें।