छात्रों में आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता विकसित करने की आवश्यकता: प्रो.अखिल अहमद

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

सहारनपुर। ग्लोकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. सैयद अखिल अहमद ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020(एनईपी 2020) को सभी उच्च शिक्षण संस्थाओं को समान ज्ञान वाले समाज के निर्माण में योगदान के लिए अपनाना चाहिए। 

प्रो.अखिल अहमद आज यहां ग्लोकल यूनिवर्सिटी के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। अपने व्याख्यान के दौरान, उन्होंने संकाय सदस्यों के बीच संविधान और संवैधानिक मूल्यों के प्रति गहरे सम्मान के साथ छात्रों के बीच जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया।

भारत एक सतत विकास की मांग करता है जिसमें मानवाधिकारों, वैश्विक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता शामिल होनी चाहिए जिससे प्रत्येक भारतीय वैश्विक नागरिक के रूप में प्रतिबिंबित हो। उन्होंने भारतीय विविधता का सम्मान करने, समानता और न्याय के बीच जागरूकता पैदा करने और भागीदारी के महत्व का भी उल्लेख किया। वर्तमान में, प्रौद्योगिकी का उपयोग लगभग अपरिहार्य होता जा रहा है। इन सभी को प्राप्त किया जा सकता है यदि सभी संकाय सदस्य छात्रों में आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता विकसित करें। उन्होंने कहा कि एनईपी 2020 को अपनाने की मुख्य विशेषताएं हैं; जैसे नवाचार, उद्यमिता को एक बार अपनाने के बाद 2030 तक 50ः सकल नामांकन अनुपात का लक्ष्य हासिल करना आसान हो जाएगा।

उन्होंने यह कहकर अपनी बात समाप्त की कि भारत एक या दो दशक में एक महाशक्ति बन जाएगा जैसा कि डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा परिकल्पित किया गया था।