इस बार रक्षा बंधन पर नहीं रहेगी भद्रा की कोई छाया

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

Raksha Bandhan 2021 :  भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का पावन पर्व 22 अगस्त (रविवार) को मनाया जाएगा। इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्रा का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। सावन पूर्णिमा को श्रावणी उपाकर्म और द्विजातियों द्वारा विशेष अनुष्ठान, पूजन भी किया जाएगा। इस दिन चन्द्रमा का संचरण मकर राशि से कुंभ राशि में सुबह 8:35 बजे होगा। इसी के साथ पंचक प्रारंभ हो जाएगा। उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद पं. दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली के अनुसार पूर्णिमा तिथि शनिवार, 21 अगस्त को शाम 6:10 बजे से शुरू हो जाएगी, जो 22 अगस्त को शाम 5:01 बजे तक रहेगी। 

श्रावणी उपाकर्म और जनेऊ पूजन होगा: ज्योतिषाचार्य अवध नारायण द्विवेदी के अनुसार सावन पूर्णिमा के दिन श्रावणी उपाकर्म, जनेऊ पूजन सुबह 8:30 बजे तक विशेष शुभ रहेगा। श्रावणी उपकर्म द्विजातियों का विशेष पर्व होता है। इस दिन गंगा स्नान कर पंचगव्य पानकर विधिवत संकल्प लिया जाता है। 

रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त

सुबह 7 बजे से सुबह 8:35 बजे तक। 

लाभ चौघड़िया सुबह 7 बजे से सुबह 10:20 बजे तक।

शुभ चौघड़िया : दोपहर 1:40 से 3:10 बजे तक।