"अमुआ की डार पे न झूला डाल "

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क


अमुआ की डार पे न झूला डाल गोरिया•••

ये कच्ची-कच्ची डालियां चटक जाएंगी


पेंग मत मार, तू है बड़ी सुकुमार 

रानी बड़ी सुकुमार •••••

खुद को संभाल तेरी पतरी कमरिया

लचक जाएगी,,,,,,,,

अमुआ की डार पे न झूला गोरिया

ये कच्ची-कच्ची डालियां चटक जाएंगी••


सुन ओ सजनियां तेरी बाली सी उमरिया

भोली-भाली सी सुरतिया 

नाजुक कलाइयों में हरी-हरी चूड़ियां,

खनक जाएंगी,,,,,,,,

अमुआ की डार पे न झूला डाल गोरिया 

ये कच्ची-कच्ची डालियां चटक जाएंगी••


छुपते-छुपाते,सबसे नजरें बचाके 

आई झुलवा झूलन 

भेद खोल देगी तेरे पांव की पैजनियां 

छनक जाएगी,,,,,,,,

अमुआ की डार पे झूला डाल गोरिया 

ये कच्ची-कच्ची डालियां चटक जाएंगी••


छाईं हैं घटाएं, चम चमके है बिजुरिया

बरसे सावन की बदरिया,,,,,

चले है पवन तेरे सिर से चुनरिया

सरक जाएगी,,,,,,,,

अमुआ की डार पे न झूला डाल गोरिया 

ये कच्ची-कच्ची डालियां चटक जाएंगी!!


रश्मि मिश्रा "रश्मि"

भोपाल (मध्यप्रदेश)