जनसंख्या नियंत्रण

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 

बेतहाशा बढ़ती जनसंख्या भारतीय समाज हीं नही वरन संपूर्ण विश्व के लिए अभिशाप बनता जा रहा । जहाँ सीमित संसाधन की उपलब्धता और बेतहाशा बढ़ती आबादी एक दोनो को विपरीत दिशा में खिंचते जा रही है।

वहीं ईस राशाकशी  मानव की आनेवाली भविष्य को अंधकार की और लगातार धकेलते जा रही है।

एक तरफ जहाँ बेरोजगारी और  भुखमरी  बढ़ती जा रही है और सुविधाओं का लगातार ह्रास हो रहा है ऐसे में लोगो मे जागरूकता नितांत ही जरूरी है। हममें और जानवरों में कम से कम बुनियादी अंतर जरूर होना  चाहिए कि अपनी सुख सुविधाओं का ख्याल रखें और आने वाले भविष्य को सुरक्षा और उचित संसाधन मुहैया कराए।

यह मेरा या आपका नैतिक कर्त्तव्य है अपने संतानों को बुनियादी सुविधा अवश्य दिलाएं नही तो पशु और मानव में  ज्यादा फर्क नही रह जाएगा।

पिछले कई दसक से प्रशासन के लगातार आवाह्न पर भी अगर हम नही जग पाए तो ये जरूरी की कोई ठोस कानून बने और उसका पालन कड़ाई से किया जाना चाहिए।

इसके दायरे में समाज के सभी वर्ग, समुदाय ,जाती और धर्म को लाकर बिना किसी भेदभाव के समान कानून लागू कर पालन के लिए बाध्य करने की जरूरत।

समझने या समझाने की जरूरत,  वर्तमान से भविष्य का गहरा रिश्ता  है अगर आज सुरक्षित तो कल का उज्जवल भविष्य ,और अगर आज हीं सुरक्षित नही तो कल चमकदार भविष्य कैसे हो सकता है?

अंत मे

 मैं जागूँ आप जागें और जागे समाज

मानव    वाला      धर्म     दिखा  कर

गढ़ लें     एक      नवीन     इतिहास

नारा        एक       बुलंद         कर

सुरक्षित          करें             समाज।।


श्री कमलेश झा

नगर पारा भागलपुर