उमेश और सिराज ने प्रैक्टिस मैच में दमदार प्रदर्शन कर बढ़ाई टीम मैनेजमेंट की टेंशन

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

 काउंटी सिलेक्ट इलेवन के खिलाफ खेले जा रहे तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच में उमेश यादव और मोहम्मद सिराज ने अपनी जबरदस्त गेंदबाजी से भारतीय टीम मैनजमेंट की टेंशन बढ़ा दी है। मैच के दूसरे दिन सिराज ने 2 तो उमेश ने तीन विकेट अपने नाम किए। उमेश खासतौर पर बेहतरीन लय में नजर आए और उन्होंने विपक्षी टीम के कप्तान को क्लीन बोल्ड किया। उमेश-सिराज ने घातक गेंदबाजी करके इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है। कप्तान विराट कोहली और हेड कोच रवि शास्त्री के लिए इन दोनों गेंदबाजों के प्रदर्शन को नजरअंदाज करना कतई आसान नहीं होगा। 

मोहम्मद सिराज और उमेश यादव की शानदार गेंदबाजी के आगे काउंटी सिलेक्ट इलेवन की टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम ने 9 विकेट खोकर 220 रन बना लिए हैं।  4 अगस्त से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रही टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम किस पेस अटैक के साथ मैदान पर उतरेगी अभी यह तय नहीं है। माना जा रहा है कि टीम ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह की तिकड़ी पर कम से कम पहले टेस्ट मैच में भरोसा दिखा सकती है। लेकिन प्रैक्टिस मुकाबले में उमेश और सिराज की जबरदस्त गेंदबाजी ने टीम मैनेजमेंट की परेशानियों में अब इजाफा कर दिया है। डब्ल्यूटीसी फाइनल में भी भारतीय टीम ने उमेश-सिराज को मौका नहीं दिया था। जसप्रीत बुमराह की हालिया फॉर्म भी टीम के लिए चिंता का विषय जरूर है। काउंटी टीम के खिलाफ जारी प्रैक्टिस मैच में भी बुमराह महज एक ही विकेट अपने नाम कर सके हैं। वहीं, डब्ल्यूटीसी फाइनल में भी बुमराह अपनी लाइन लेंथ से भटके हुए ही नजर आए थे। 

ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या टीम मैनेजमेंट बुमराह के विदेशी सरजमीं पर पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए उनको प्लेइंग इलेवन में जगह देगी या फिर हालिया फॉर्म पर गौर करते हुए उनकी जगह पर मोहम्मद सिराज या उमेश यादव को आजमाएगी। सिराज का प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी शानदार रहा था और वह लगातार अपनी काबिलियित का नमूना पेश करते रहे हैं। वहीं, उमेश जिस कदर की लय में प्रैक्टिस मैच अबतक दिखे हैं उसके बाद देखना दिलचस्प होगा कि क्या कप्तान कोहली इस गेंदबाज के नाम पर विचार करते हैं या नहीं। हालांकि, अगर पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरना का फैसला करता है तो उमेश के मुकाबले सिराज का दावा ज्यादा मजबूत दिखाई देता है।