॥ यादों का पिटारा ॥

 

युग जागण न्यूज़ नेटवर्क


समय तो गुजर जाता है जैसे तैसे

पर बीते लमहों की जब याद आता है

जेहन में अतीत की तस्वीर उभर कर 

दिल को दर्द की सौगात दे जाता है


समय तो गुजर जाता है जैसे तैसे

पर बहुत कुछ सिखला कर जाता है

कौन है अपना कौन है पराया जग में

तस्वीर दिखला कर चला जाता है


समय तो गुजर जाता है जैसे तैसे

पर जीवन की सच्चाई से रूबरू करा जाता है

सुख दुःख् दो किनारे से बहकर जीवन की

हकीकत को बयाँ कर जाता है


समय तो गुजर जाता है जैसे तैसे

पर दुःखदायी पल मन को जख्म दे जाता है

जिसकी मरहम की खोज में 

खुशियॉं सिमट कर कहीं खो जाता है


समय तो गुजर जाता है जैसे तैसे

पर धूप छॉव की दर्शन करा जाता है

हर पल हर क्षण सुख दुःख का

यादों का पिटारा छोड़ जाता है


उदय किशोर साह

मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार